18. *❂ ऐ मालिक तेरे बंदे ❂
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ऐ मालिक तेरे बंदे , ऐसे हो हमारे करम
नेकी पर चले और बधी से टले
ताकी हँसते हुए निकले दम ll धृ ll
ये अँधेरा घना छा रहा , तेरा इंसान घबरा रहा हैं
हो रहा बेखबर कुछ न आता नजर
सुख का सुरज छिपा जा रहा
हैं तेरी रोशनी मैं वो दम
जो अमावस को कर दे पूनम ll १ ll
जब जुल्मों का हो सामना , तब तू ही हमें थामना
वो बुराई करे , हम भलाई करे
नही बदलेकी हो कामना
बढ़ उठे प्यार का हर कदम
और मिटे गैर का ये भरम ll २ ll
बड़ा कमजोर हैं आदमी , अभी लाखों हैं इसमें कमी
पर तू जो खड़ा हैं दयालु बड़ा
तेरी कृपा से धरती थमी
दिया तूने हमें जब जनम
तू ही झेले हमारे ये गम ll ३ ll
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